ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 11.5वाल्मीकि रामायण 1.5प्रविष्टः सत्त्वमाश्रित्य जीवन्को नाम निष्क्रमेत् । को विशेत्सुदुराधर्षाम् राक्षसैश्च सुरक्षिताम् ॥६-१-५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय