ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 99.26वाल्मीकि रामायण 9.26महत्या कुथय आस्त्रीणम् प्Rथिवी लक्षण अन्कया । पृथिवीम् इव विस्तीर्णाम् सराष्ट्र ग्Rह मालिनीम् ॥५-९-२६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय