ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 99.14वाल्मीकि रामायण 9.14मेरु मन्दर सम्काशैर् उल्लिखद्भिर् इव अम्बरम् । कूट अगारैः शुभ आकारैः सर्वतः समलम्क्Rतम् ॥५-९-१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय