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वाल्मीकि रामायण 65.15

इक्ष्वकुवंशविख्यातिं शनैः कीर्तयता ऽनघ ।
सा मया नरशार्दूल विश्वासमुपपादिता ।। ५.६५.१५ ।।।।

पूरा अध्याय