ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 66.38वाल्मीकि रामायण 6.38ददर्श राक्षस इन्द्रस्य रावणस्य निवेशने । स मन्दर तल प्रख्यम् मयूर स्थान सम्कुलम् ॥५-६-३८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय