ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 66.14वाल्मीकि रामायण 6.14महा जन समाकीर्णम् ददर्श स महा कपिः । विराजमानम् वपुषा गज अश्व रथ सम्कुलम् ॥५-६-१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय