ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5858.6वाल्मीकि रामायण 58.6स नियुक्तस्ततस्तेन संप्रहृष्टतनूरुहः । प्रणम्य शिरसा देव्यै सीतायै प्रत्यभाषत ।। ५.५८.६ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय