Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 58.16

अहं तु मोक्षितस्तस्मात्तव पित्रा महात्मना ।
मारुतेन तदा वत्स प्रक्षिप्तो ऽस्मि महार्णवे ।। ५.५८.१६ ।।।।

पूरा अध्याय