ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5757.13वाल्मीकि रामायण 57.13आजगाम महातेजाः पुनर्मध्येन सागरम् । । 5.57.13 ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय