ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5656.30वाल्मीकि रामायण 56.30अतिप्रमाणा बलिनो दीप्तजिह्वा महाविषाः । निपीडितशिरोग्रीवा व्यवेष्टन्त महाहयः ।। 5.56.30 ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय