ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5656.24वाल्मीकि रामायण 56.24अधिरूह्य ततो वीरः पर्वतं पवनात्मजः । ददर्श सागरं भीमं मीनोरगनिषेवितम् ।। 5.56.24 ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय