ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5454.31वाल्मीकि रामायण 54.31हनूमता वेगवता वानरेण महात्मना । लङ्कापुरं प्रदग्धं तद्रुद्रेण त्रिपुरं यथा ।। 5.54.31 ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय