ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5151.36वाल्मीकि रामायण 51.36सीतायास्तेजसा दग्धां रामकोपप्रपीडिताम् । दह्यमानामिमां पश्य पुरीं साट्टप्रतोलिकाम् ।। ५.५१.३६।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय