ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 3838.66वाल्मीकि रामायण 38.66राघवस्त्वत्समारम्भान्मयि यत्नपरो भवेत् । । ५.३८.६६।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय