ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 3535.73वाल्मीकि रामायण 35.73तं मां रामकृतोद्योगं त्वन्निमित्तमिहागतम् । सुग्रीवसचिवं देवि बुध्यस्व पवनात्मजम् ।। ५.३५.७३।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय