Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 34.24

अथवा नायमुन्मादो मोहो ऽप्युन्मादलक्षणः ।
संबुद्ध्ये चाहमात्मानमिमं चापि वनौकसम् ।। ५.३४.२४।।।।

पूरा अध्याय