ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 33.9वाल्मीकि रामायण 3.9मणि स्फटिक मुक्ताभिः मणि कुट्टिम भूषितैः । तप्त हाटक निर्यूहैः राजत अमल पाण्डुरैः ॥५-३-९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय