ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 2424.45वाल्मीकि रामायण 24.45अथ वा राक्षसेन्द्रेण रावणेन दुरात्मना । छद्मना घातितौ शूरौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ ।। ५.२४.४५।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय