Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 23.3

न मानुषी राक्षसस्य भार्या भवितुमर्हति ।
कामं खादत मां सर्वा न करिष्यामि वो वचः ।। ५.२३.३।।।।

पूरा अध्याय