ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 2222.41वाल्मीकि रामायण 22.41सुरा चानीयतां क्षिप्रं सर्वशोकविनाशिनी । मानुषं मांसमासाद्य नृत्यामोऽथ निकुम्भिलाम् ।। ५.२२.४१।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय