ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 2222.12वाल्मीकि रामायण 22.12सा भर्त्स्यमाना भीमाभी राक्षसीभिर्वरानना । सा बाष्पमपमार्जन्ती शिंशपां तामुपागमत् ।। ५.२२.१२।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय