ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 22.21वाल्मीकि रामायण 2.21पप्रप्राकारजघनां विपुलाम्बुनवाम्बराम् । शतघ्नीशूलकेशान्तामट्टालकवतंसकाम् ॥५-२-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय