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वाल्मीकि रामायण 2.20

पालितां राक्षसेन्द्रेण निर्मितां विश्वकर्मणा ।
प्लवमानामिवाकाशे ददर्श हनुमान् पुरीम् ॥५-२-२०॥

पूरा अध्याय