Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 15.20

मन्द प्रख्यायमानेन रूपेण रुचिर प्रभाम् ।
पिनद्धाम् धूम जालेन शिखाम् इव विभावसोः ॥५-१५-२०॥

पूरा अध्याय