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वाल्मीकि रामायण 14.19

तथा लान्गूल हस्तैः च चरणाभ्याम् च मर्दिता ।
बभूव अशोक वनिका प्रभग्न वर पादपा ॥५-१४-१९॥

पूरा अध्याय