Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 13.69

क्षुद्रेण पापेन नृशम्स कर्मणा ।
सुदारुण अलाम्कृत वेष धारिणा।बल अभिभूता अबला तपस्विनी ।कथम् नु मे दृष्ट पथे अद्य सा भवेत् ॥५-१३-६९॥

पूरा अध्याय