ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1313.52वाल्मीकि रामायण 13.52ध्यान शोका परीत आत्मा चिन्तयाम् आस वानरः । यावत् सीताम् न पश्यामि राम पत्नीम् यशस्विनीम् ॥५-१३-५२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय