ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1313.25वाल्मीकि रामायण 13.25सीता निमित्तम् दुर्वाक्यम् श्रुत्वा स न भविष्यति । तम् तु कृच्च्र गतम् दृष्ट्वा पन्चत्व गत मानसम् ॥५-१३-२५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय