ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1313.13वाल्मीकि रामायण 13.13अदुष्टा दुष्ट भावाभिर् भक्षिता सा भविष्यति । सम्पूर्ण चन्द्र प्रतिमम् पद्म पत्र निभ ईक्षणम् ॥५-१३-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय