ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.6वाल्मीकि रामायण 10.6परम आस्तरण आस्तीर्णम् आविक अजिन सम्व्र्तम् । दामभिर् वर माल्यानाम् समन्ताद् उपशोभितम् ॥५-१०-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय