ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.52वाल्मीकि रामायण 10.52गौरीम् कनक वर्ण आभाम् इष्टाम् अन्तः पुर ईश्वरीम् । कपिर् मन्द उदरीम् तत्र शयानाम् चारु रूपिणीम् ॥५-१०-५२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय