ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.48वाल्मीकि रामायण 10.48अन्या कमल पत्र अक्षी पूर्ण इन्दु सद्र्श आनना । अन्याम् आलिन्ग्य सुश्रोणी प्रसुप्ता मद विह्वला ॥५-१०-४८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय