ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.31वाल्मीकि रामायण 10.31शशि प्रकाश वदना वर कुण्डल भूषिताः । अम्बाल माल्य आभरणा ददर्श हरि यूथपः ॥५-१०-३१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय