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वाल्मीकि रामायण 10.28

माष राशि प्रतीकाशम् निह्श्वसन्तम् भुजन्गवत् ।
गान्गे महति तोय अन्ते प्रसुतमिव कुन्जरम् ॥५-१०-२८॥

पूरा अध्याय