ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.19वाल्मीकि रामायण 10.19शश क्षतज कल्पेन सुशीतेन सुगन्धिना । चन्दनेन पर अर्ध्येन स्वनुलिप्तौ स्वलम्क्र्तौ ॥५-१०-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय