Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 5.21

प्रति उवाच तदा रामम् हर्ष व्याकुल लोचनः ।
अहम् विनिकृतो राम चरमि इह भय आर्दितः ॥४-५-२१॥

पूरा अध्याय