ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 4040.51वाल्मीकि रामायण 40.51तत्र चन्द्र प्रतीकाशम् पन्नगम् धरणी धरम् । पद्म पत्र विशालाक्षम् ततो द्रक्ष्यध वानराः ॥४-४०-५१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय