Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 40.38

तम् काल मेघ प्रतिमम् महोरग निषेवितम् ।
अभिगम्य महानादम् तीर्थेन एव महोदधिम् ॥४-४०-३८॥

पूरा अध्याय