Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 37.6

महाशैल गुहा आवासा वानराः कनक प्रभाः ।
मेरु पार्श्व गताः चैव ये च धूम्र गिरिम् श्रिताः ॥४-३७-६॥

पूरा अध्याय