ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 3131.12वाल्मीकि रामायण 31.12यथा उक्त कारी वचनम् उत्तरम् चैव स उत्तरम् । बृहस्पति समो बुद्ध्या मत्त्वा रामानुजः तदा ॥४-३१-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय