वाल्मीकि रामायण 30.28
संप्रति अनेक आश्रय चित्र शोभालक्ष्मीः शरत् काल गुण उपपन्ना ।
सूर्य अग्र हस्त प्रतिबोधितेषुपद्माकरेषु अभ्यधिकम् विभाति ॥४-३०-२८॥
संप्रति अनेक आश्रय चित्र शोभालक्ष्मीः शरत् काल गुण उपपन्ना ।
सूर्य अग्र हस्त प्रतिबोधितेषुपद्माकरेषु अभ्यधिकम् विभाति ॥४-३०-२८॥