वाल्मीकि रामायण 28.32
मार्ग अनुगः शैल वन अनुसारीसंप्रस्थितो मेघ रवम् निशम्य ।
युद्ध अभिकामः प्रतिनाद शन्कीमत्तो गजेन्द्रः प्रतिसंनिवृत्तः ॥४-२८-३२॥
मार्ग अनुगः शैल वन अनुसारीसंप्रस्थितो मेघ रवम् निशम्य ।
युद्ध अभिकामः प्रतिनाद शन्कीमत्तो गजेन्द्रः प्रतिसंनिवृत्तः ॥४-२८-३२॥