ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 2626.41वाल्मीकि रामायण 26.41हृष्ट पुष्ट जन आकीर्णा पताका ध्वज शोभिता । बभूव नगरी रम्या क्षिकिंधा गिरि गह्वरे ॥४-२६-४१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय