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वाल्मीकि रामायण 23.8

माम् अनाथाम् विहाय एकाम् गतः त्वम् असि मानद ।
शूराय न प्रदातव्या कन्या खलु विपश्चिता ॥४-२३-८॥

पूरा अध्याय