Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 20.1

राम चाप विसृष्टेन शरेण अंतकरेण तम् ।
दृष्ट्वा विनिहतम् भूमौ तारा ताराधिप आनना ॥४-२०-१॥

पूरा अध्याय