Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 14.11

एकेन अहम् प्रमोक्ष्यामि बाण मोक्षेण संयुगे ।
मम दर्शय सुग्रीव वैरिणम् भ्रातृ रूपिणम् ॥४-१४-११॥

पूरा अध्याय