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वाल्मीकि रामायण 1.43

माम् अपि एवम् विशालाक्षी जानकी जात संभ्रमा ।
मदनेन अभिवर्तेत यदि न अपहृता भवेत् ॥४-१-४३॥

पूरा अध्याय