ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 11.20वाल्मीकि रामायण 1.20पुष्प संछन्न शिखरा मारुतः उत्क्षेप चंचला । अमी मधुकरोत्तंसाः प्रगीत इव पादपाः ॥४-१-२०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय