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वाल्मीकि रामायण 1.19

गिरि प्रस्थेषु रम्येषु पुष्पवद्भिः मनोरमैः ।
संसक्त शिखरा शैला विराजन्ति महाद्रुमैः ॥४-१-१९॥

पूरा अध्याय