ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 11.106वाल्मीकि रामायण 1.106किम् नु वक्ष्यामि धर्मज्ञम् राजानम् सत्य वादिनम् । जनकम् पृष्ट सीतम् तम् कुशलम् जन संसदि ॥४-१-१०६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय